पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के असर से घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ खुला। सुबह 9:16 बजे बीएसई सेंसेक्स करीब 745.66 अंक टूटकर 73,361.19 पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी 228.95 अंक गिरकर 22,739.90 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
निफ्टी पर कई बड़े शेयरों में दबाव नजर आया। टाटा कंज्यूमर, इंटरग्लोब एविएशन, इटरनल, आयशर मोटर्स और मैक्स हेल्थकेयर जैसे दिग्गज स्टॉक्स में गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, हिंडाल्को और विप्रो जैसे कुछ शेयरों में हल्की बढ़त देखने को मिली।
इन सेक्टर में गिरावट
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 1% गिरा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5% की गिरावट दर्ज की गई।
रुपये पर दबाव, 17 पैसे की गिरावट
मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में कमजोरी देखी गई। विदेशी निवेश की निकासी, मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के चलते शुरुआती कारोबार में रुपया 17 पैसे टूटकर 93.07 प्रति डॉलर पर आ गया।
फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक, अगर अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ता है तो रुपये पर दबाव और गहरा सकता है, क्योंकि इससे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है।
इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया 93.05 पर खुला और गिरते हुए 93.07 तक पहुंच गया, जो पिछले बंद स्तर से 17 पैसे नीचे है। गौरतलब है कि सोमवार को रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप और सट्टेबाजी पर लगाम के उपायों के चलते रुपया 28 पैसे मजबूत होकर 92.90 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में मिश्रित रुझान देखने को मिला। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिका-ईरान तनाव से बाजार पर दबाव बना रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और हार्मुज की खाड़ी को लेकर बढ़े तनाव का असर निवेशकों के मूड पर साफ दिखा।
जापान का प्रमुख निक्केई 225 शुरुआती बढ़त गंवाकर करीब 0.2% गिरकर 53,310.30 पर बंद हुआ। वहीं ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स 1.5% की तेजी के साथ 8,706.90 तक पहुंच गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग स्थिर रहा और हल्की 0.1% गिरावट के साथ 5,445.80 पर बंद हुआ।
इसके अलावा, शंघाई कंपोजिट इंडेक्स में 0.4% की बढ़त दर्ज की गई और यह 3,896.98 पर बंद हुआ, जबकि हांगकांग का बाजार अवकाश के कारण बंद रहा।

