स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट, ईरान संकट के बीच इस शेयर ने डुबोए पैसे

Sneh Sharma

IDBI Share Falls: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बावजूद हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में मजबूती देखने को मिली और BSE सेंसेक्स करीब 400 अंक तक चढ़ गया। हालांकि इस तेजी के बीच IDBI बैंक के शेयर में सोमवार को कारोबार के दौरान भारी गिरावट दर्ज की गई और यह इंट्राडे में लगभग 16 प्रतिशत तक टूट गया।

16 प्रतिशत तक लुढ़का शेयर

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर दोपहर करीब 1 बजकर 17 मिनट पर IDBI बैंक का शेयर 77.40 रुपये की गिरावट के साथ करीब 16.03 प्रतिशत नीचे आ गया। इस गिरावट के पीछे बैंक के निजीकरण से जुड़ी रिपोर्ट को बड़ी वजह माना जा रहा है, जिसके चलते निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई।

दरअसल, भारत सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने IDBI बैंक में अपनी कुल 60.7 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई है। इस हिस्सेदारी के बिकने के बाद संभावित खरीदार को बैंक में बहुमत के साथ प्रबंधन का नियंत्रण भी मिल सकता है।

निवेशक इस निजीकरण प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उनका मानना है कि इससे भविष्य में बैंक की वैल्यू में इजाफा हो सकता है और उसके कामकाज में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

निवेशकों की चिंता क्या है?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संभावित खरीदारों की ओर से दी गई बोलियां सरकार द्वारा तय किए गए रिजर्व प्राइस से कम बताई जा रही हैं। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार मौजूदा बोली प्रक्रिया को रद्द कर सकती है और नई शर्तों के साथ दोबारा हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

इस स्थिति ने निवेशकों के बीच अनिश्चितता पैदा कर दी है। इसी कारण बाजार में इस स्टॉक में तेज बिकवाली देखी जा रही है और निवेशक निजीकरण से जुड़े अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।

2022 में शुरू हुई थी निजीकरण प्रक्रिया

आईडीबीआई बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया साल 2022 में शुरू की गई थी। यह सरकार की उस योजना का हिस्सा है, जिसके तहत बैंकिंग क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी धीरे-धीरे कम करने की रणनीति अपनाई जा रही है।

फिलहाल बैंक में एलआईसी की करीब 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि भारत सरकार के पास लगभग 45.48 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूद है।

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