ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 में शुरुआती राउंड में ही बाहर होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम में भारी उथल-पुथल मची हुई है। 2009 के बाद पहली बार कंगारू टीम ग्रुप स्टेज पार नहीं कर पाई। ICC T20I रैंकिंग में 11वें नंबर पर रहने वाली टीम को जिम्बाबवे और श्रीलंका के खिलाफ लगातार हार का सामना करना पड़ा, जिससे उनका टूर्नामेंट ग्रुप स्टेज में ही समाप्त हो गया
इस शर्मनाक प्रदर्शन ने टीम मैनेजमेंट पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष रूप से टीम में देर से शामिल हुए स्टीव स्मिथ की भूमिका पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। उन्हें किसी भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला, जिससे फैंस और पूर्व क्रिकेटरों ने चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। इस विवाद को लेकर अब ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने अपनी सफाई पेश की है।
ऑस्ट्रेलियन सिलेक्टर ने दी सफाई
ऑस्ट्रेलियाई सिलेक्टर टोनी डोडेमाइड ने इस मामले में सफाई देते हुए बताया कि स्टीव स्मिथ को शुरुआत से ही टीम में केवल कवर प्लेयर के रूप में रखा गया था। उन्हें मुख्य रूप से ओपनिंग स्लॉट के बैकअप के तौर पर शामिल किया गया था।
दरअसल, कप्तान मिचेल मार्श ग्रोइन इंजरी के कारण शुरुआती दो मैच नहीं खेल सके थे, जिसके बाद स्मिथ को कवर के रूप में टीम में बुलाया गया। बाद में तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड की चोट के कारण स्मिथ को आधिकारिक रिप्लेसमेंट के रूप में टीम में जोड़ा गया।
डोडेमाइड ने कहा कि तीसरे मैच में मार्श और ट्रैविस हेड की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया, इसलिए टीम कॉम्बिनेशन में कोई बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ी। हालांकि आलोचक मानते हैं कि स्मिथ जैसे अनुभवी बल्लेबाज को मैदान पर मौका न देना एक बड़ी चूक थी।
दिग्गज क्रिकेटरों ने उठाए चयन पर सवाल
पूर्व क्रिकेटर मार्क वॉ ने स्टीव स्मिथ को टीम में न खिलाने के फैसले को अपमानजनक करार दिया है। इसके अलावा, मैथ्यू हेडन और ग्लेन मैक्ग्रा ने भी चयन नीति और ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन को तरजीह देने पर सवाल उठाए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि स्मिथ ने हाल ही में बिग बैश लीग 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 299 रन बनाए थे, जिसमें एक शतक भी शामिल था। इसके बावजूद उन्हें टीम में सीमित भूमिका में रखना फैंस और विशेषज्ञों को समझ नहीं आया।
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने अब स्पष्ट किया है कि टूर्नामेंट खत्म होने के बाद पूरे अभियान की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। फिलहाल टीम के सामने ओमान के खिलाफ आखिरी मुकाबला मजबूती से खत्म करने की चुनौती है, लेकिन वर्ल्ड कप से बाहर होने का असर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट पर लंबे समय तक महसूस किया जा सकता है।