ओम बिरला के बयान से भड़का सियासी बवाल; प्रियंका गांधी ने घेरा, पूछा- देश को गुमराह करने वाली ये बातें क्यों?

Priyanka Gandhi slams om Birla claims on pm modi security threat

Sneh Sharma
Priyanka Gandhi slams om Birla claims on pm modi security threatPriyanka Gandhi slams om Birla claims on pm modi security threat

लोकसभा की कार्यवाही के बीच गुरुवार (5 फरवरी, 2026) को तब भारी सियासी घमासान मच गया, जब स्पीकर ओम बिरला और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव बिना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के ही पारित कर दिया गया, जिस पर स्पीकर ने सदन में अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की।

क्या है पूरा विवाद?

ओम बिरला का गंभीर दावा: स्पीकर ने बुधवार की घटना का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री की कुर्सी को चारों तरफ से घेर लिया था। उन्होंने चिंता जताते हुए यहाँ तक कह दिया कि “कल कुछ भी हो सकता था,” जो सदन की सुरक्षा और मर्यादा पर बड़ा सवाल है।

प्रियंका गांधी का पलटवार: स्पीकर के इन दावों पर प्रियंका गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे “बकवास” करार देते हुए तंज कसा कि प्रधानमंत्री सदन का सामना करने के बजाय स्पीकर के पीछे छिपे हुए हैं। उन्होंने विपक्ष के विरोध को जायज बताते हुए सत्ता पक्ष के आरोपों को निराधार बताया।

लोकसभा में मचे घमासान के बीच प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री और सरकार के रवैये पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने स्पीकर के दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे चर्चा से बचने का एक बहाना करार दिया।

प्रियंका गांधी के तीखे हमले 

हिम्मत पर सवाल: प्रियंका गांधी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सदन में आने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। उन्होंने तंज कसा कि “कल पीएम सदन में सिर्फ इसलिए नहीं आए क्योंकि बेंच के सामने तीन महिलाएं खड़ी थीं।”

चर्चा से भागने का आरोप: कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार वास्तव में किसी भी गंभीर मुद्दे पर बहस नहीं चाहती। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चर्चा ही नहीं हो रही, तो ऐसी बातें करना सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश है।

स्पीकर की भूमिका पर तंज: उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री खुद सामने आने के बजाय स्पीकर के पीछे छिपे हुए हैं। प्रियंका ने स्पीकर के ‘अनहोनी’ वाले बयान को पूरी तरह “बकवास” बताते हुए इसे जनता को गुमराह करने वाला बताया।

ओम बिरला के बयान की बड़ी बातें:

अप्रत्याशित घटना की आशंका: स्पीकर ने दावा किया कि उनके पास ऐसी पुख्ता और गुप्त जानकारी थी कि कांग्रेस के कुछ सांसद प्रधानमंत्री के बिल्कुल करीब पहुंचकर किसी बड़ी अनहोनी या अप्रत्याशित घटना को अंजाम दे सकते थे।

सुरक्षा पर चिंता: बिरला ने कहा कि अगर ऐसी कोई घटना घट जाती, तो वह न केवल निंदनीय होती बल्कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में सबसे शर्मनाक होती।

स्पीकर की सलाह पर नहीं आए पीएम: सबसे अहम बात यह रही कि ओम बिरला ने खुद यह स्वीकार किया कि उन्होंने ही प्रधानमंत्री मोदी को सदन में न आने का आग्रह किया था। स्पीकर की सुरक्षा संबंधी चिंता को देखते हुए प्रधानमंत्री ने उनकी बात मान ली और सदन में नहीं आए।

बुधवार (4 फरवरी 2026) को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुप्रतीक्षित संबोधन हंगामे की भेंट चढ़ गया। असल में, पीएम मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना था, लेकिन विपक्षी महिला सांसदों के उग्र विरोध के चलते सदन की कार्यवाही को बीच में ही रोकना पड़ा।

हंगामे की इनसाइड स्टोरी:

कार्यवाही का स्थगन: विपक्ष के शोर-शराबे को देखते हुए पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी, जिससे प्रधानमंत्री का भाषण नहीं हो सका।

बीजेपी का गंभीर आरोप: बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने इस घटनाक्रम पर बड़ा दावा करते हुए कहा कि विपक्ष की कई महिला सांसद सदन की मर्यादा लांघकर ‘वेल’ (Well) में घुस आई थीं।

प्रधानमंत्री की सुरक्षा और कुर्सी की ओर कूच: तिवारी के अनुसार, महिला सांसद प्रधानमंत्री की खाली कुर्सी की ओर बढ़ने लगी थीं। वहां मौजूद वरिष्ठ मंत्रियों ने उन्हें बार-बार अपनी जगह पर लौटने की चेतावनी दी और बताया कि प्रधानमंत्री आने ही वाले हैं, लेकिन सांसदों ने इन अपीलों को पूरी तरह अनसुना कर दिया।

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