2026 टी20 वर्ल्ड कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम पर सख्त कार्रवाई की गई है। सलमान आगा की कप्तानी में टीम सुपर-8 चरण से आगे नहीं बढ़ सकी, जिसके चलते खिलाड़ियों को बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। खबरों के मुताबिक, खराब प्रदर्शन के लिए टीम के हर खिलाड़ी पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
टूर्नामेंट के समीकरण भी पाकिस्तान के खिलाफ गए। पिछले शनिवार टीम को श्रीलंका के खिलाफ कम से कम 65 रन या उससे ज्यादा के अंतर से जीत दर्ज करनी थी, ताकि उसका नेट रन-रेट न्यूजीलैंड से बेहतर हो सके। पाकिस्तान ने मुकाबला तो जीता, लेकिन जीत का अंतर केवल 5 रन रहा। इसी वजह से नेट रन-रेट में सुधार नहीं हो सका और टीम को टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा।
पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर गिरी गाज
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान टीम के खिलाड़ियों पर आर्थिक कार्रवाई की गई है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में पीसीबी सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि हर खिलाड़ी पर 50-50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बताया जा रहा है कि भारत के खिलाफ हार के तुरंत बाद ही इस फैसले पर सहमति बन गई थी। 15 फरवरी को खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 61 रनों से मात दी थी। हालांकि, अब तक Pakistan Cricket Board की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
टूर्नामेंट में पाकिस्तान की स्थिति नेट रन-रेट के कारण और कमजोर हो गई। पिछले शनिवार श्रीलंका के खिलाफ टीम को कम से कम 65 रन से जीत दर्ज करनी थी, ताकि उसका नेट रन-रेट बेहतर हो सके। पाकिस्तान मैच तो जीत गया, लेकिन अंतर सिर्फ 5 रन का रहा। इसी वजह से नेट रन-रेट में पर्याप्त सुधार नहीं हुआ और टीम को टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होना पड़ा।
टांय-टांय फिस्स रहा पाकिस्तान का अभियान
पूरे टूर्नामेंट में पाकिस्तान ने 7 मुकाबले खेले, जिनमें उसे 4 में जीत मिली। उसकी जीत नामीबिया, यूएसए, नीदरलैंड्स और श्रीलंका के खिलाफ आई, लेकिन इन मुकाबलों में भी टीम को कड़ी टक्कर झेलनी पड़ी। खासकर नीदरलैंड्स और श्रीलंका के खिलाफ मैच आखिरी क्षणों तक रोमांचक रहे और पाकिस्तान मुश्किल से जीत दर्ज कर सका।
इसके उलट, जब सामना मजबूत टीमों से हुआ तो तस्वीर बदल गई। भारत और इंग्लैंड जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा, जिसने उसके सेमीफाइनल के रास्ते को और मुश्किल बना दिया। कुल मिलाकर टीम का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका और अभियान निराशा के साथ समाप्त हुआ।