इजरायल-US और ईरान युद्ध के बीच ऑस्ट्रेलिया का बड़ा बयान, साफ किया अपना रुख

Israel us iran war Australia big statement clear stand

Sneh Sharma
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अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब और ज्यादा उग्र हो गया है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इसी बीच ऑस्ट्रेलिया ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए बड़ा ऐलान किया है। कैनबरा ने साफ कर दिया है कि वह ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेगा और यदि क्षेत्र में हालात और बिगड़ते हैं तब भी वह वहां अपनी सेना तैनात नहीं करेगा।

ऑस्ट्रेलिया का यह बयान ऐसे समय आया है जब इजरायल ने तेहरान पर नए सिरे से हमले तेज कर दिए हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल हमलों की झड़ी लगा दी है। आज भी ईरान की ओर से मिडिल ईस्ट के कई इलाकों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं।

कुवैत, बहरीन, दुबई और सऊदी अरब में हमलों के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। कुवैत में स्थित अमेरिकी दूतावास पर सीधे हमले की सूचना है, जिसके बाद परिसर से धुआं उठता देखा गया। बहरीन में अमेरिकी नेवी की फिफ्थ फ्लीट के मुख्यालय को भी निशाना बनाए जाने की बात कही जा रही है। इसके अलावा इराक के इरबिल शहर में भी जोरदार धमाकों की खबर है।

मौजूदा हालात ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

ईरान के हमले पर सऊदी अरब की प्रतिक्रिया

ईरान की ताज़ा कार्रवाई के बाद सऊदी अरब ने संयमित रुख अपनाने का संकेत दिया है। रियाद की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वह फिलहाल किसी प्रत्यक्ष जवाबी हमले की दिशा में कदम नहीं बढ़ाएगा। साथ ही, खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों से भी अपील की गई है कि वे ऐसे किसी भी कदम से बचें, जिससे हालात और भड़क सकते हैं।

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने खाड़ी देशों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि ऐसा कोई भी कदम न उठाया जाए, जिससे ईरान या उसके समर्थक गुटों की ओर से पलटवार की स्थिति पैदा हो। उनका जोर क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने पर रहा।

ईरान की सेना को ट्रंप की चेतावनी

इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के सैन्य नेतृत्व को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान को हथियार डालने चाहिए और चेतावनी दी कि सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक तय किए गए सभी उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि यदि स्थिति बदलती है और समझौते की दिशा में कदम बढ़ते हैं, तो अमेरिका सुरक्षा की पूरी गारंटी देने को तैयार रहेगा।

 

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