इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) और खुफिया एजेंसी ‘शिन बेट’ (ISA) ने एक साझा मिशन में हमास की ऑपरेटिंग सेल के टॉप कमांडर मुहम्मद इस्सम हसन अल-हबील को ढेर कर दिया है। अल-हबील हमास की सैन्य गतिविधियों का एक प्रमुख हिस्सा था और इजरायली सेना लंबे समय से उसकी तलाश में थी।
कॉर्पोरल नोआ मार्सियानो की हत्या का हिसाब
इजरायल के अनुसार, यह ऑपरेशन सिर्फ एक सैन्य हमला नहीं बल्कि एक ‘न्याय’ भी था। मारा गया आतंकी अल-हबील सीधे तौर पर IDF की महिला सैनिक कॉर्पोरल नोआ मार्सियानो की हत्या की साजिश में शामिल था। नोआ को बंधक बनाया गया था और बाद में उनकी हत्या कर दी गई थी, जिसका बदला इजरायल ने इस सफल स्ट्राइक के जरिए लिया है।
सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा तालमेल
यह कार्रवाई तकनीक और ग्राउंड इंटेलिजेंस का बेहतरीन उदाहरण मानी जा रही है। ‘शिन बेट’ की सटीक जानकारी के आधार पर IDF ने अल-हबील के ठिकाने को निशाना बनाया, जिससे हमास के नेटवर्क को एक और गहरा झटका लगा है।
7 अक्टूबर का मुख्य साजिशकर्ता: सेना के अनुसार, मारा गया कमांडर अल-हबील न केवल एक ऑपरेटिंग सेल का प्रमुख था, बल्कि वह 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए भीषण आतंकी हमले के मास्टरमाइंड्स में भी शामिल था।
नोआ मार्सियानो का अपहरण: अल-हबील वही आतंकी था जिसने नहल ओज सैन्य चौकी पर हमले का नेतृत्व किया था। इसी दौरान इजरायली सैनिक नोआ मार्सियानो को अगवा कर गाजा ले जाया गया था।
आक्रोश और न्याय: नोआ की मौत की पुष्टि के बाद पूरे इजरायल में दुख और गुस्से की लहर थी। IDF ने इस ऑपरेशन को अंजाम देकर यह संदेश दिया है कि अपने सैनिकों और नागरिकों के साथ हुई क्रूरता का हिसाब चुकता करना उनकी प्राथमिकता है।
शाती कैंप में दोहरा प्रहार
4 फरवरी को इजरायली वायुसेना ने गाजा सिटी के शाती शरणार्थी शिविर को निशाना बनाकर एक सटीक हवाई हमला किया। इस ऑपरेशन में न केवल हमास का कमांडर अल-हबील मारा गया, बल्कि इस्लामिक जिहाद (PIJ) का मुख्य कमांडर अली राजियाना भी ढेर हो गया। राजियाना उत्तरी गाजा ब्रिगेड में आतंकी गतिविधियों का संचालन कर रहा था।
हमले की वजह और सटीक खुफिया जानकारी
इजरायल के मुताबिक, यह ऑपरेशन एक तात्कालिक उकसावे और लंबे समय से चल रही निगरानी का नतीजा था:
रिजर्व अधिकारी पर हमला: हाल ही में एक इजरायली रिजर्व अधिकारी पर गोलीबारी हुई थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना के बाद अल-हबील सेना के रडार पर प्रमुखता से आ गया। एक ही हमले में हमास और इस्लामिक जिहाद के दो बड़े मोहरों का गिरना इजरायली खुफिया तंत्र की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
कौन थीं नोआ मार्सियानो?
नोआ मार्सियानो की कहानी इजरायल-हमास संघर्ष के सबसे दुखद अध्यायों में से एक है। उनके बारे में मुख्य जानकारी इस प्रकार है:
भूमिका और उम्र: नोआ मार्सियानो केवल 19 साल की थीं और इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) में एक ऑब्जर्वर (निगरानी सैनिक) के रूप में तैनात थीं। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के दौरान, उन्हें नहल ओज (Nahal Oz) सैन्य चौकी से अगवा कर गाजा ले जाया गया था। वह उन कई महिलाओं में शामिल थीं जिन्हें बंधक बनाया गया था। IDF का दावा है कि नोआ को गाजा के शिफा अस्पताल में कैद करके रखा गया था। पकड़े गए आतंकियों और खुफिया जानकारी के आधार पर यह खुलासा हुआ कि हमास कमांडर अल-हबील उनकी हत्या की साजिश में शामिल था।