एपस्टीन फाइल्स के खुलासे से ब्रिटेन में घमासान, पीएम स्टार्मर ने इस्तीफे से किया इनकार

Epstein files scandal rocks uk pm starmer refuses to resign

Sneh Sharma
Epstein files scandal rocks uk pm starmer refuses to resign

लंदन: एपस्टीन फाइल्स से जुड़े ताज़ा खुलासों के बाद ब्रिटेन की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। इन आरोपों के बीच प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ कर दिया है कि वह अपने पद से हटने वाले नहीं हैं और सरकार की जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।

अमेरिका में ब्रिटेन के पूर्व राजदूत पीटर मेंडेलसन और कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के बीच कथित रिश्तों को लेकर सामने आई नई जानकारियों ने स्टार्मर सरकार को मुश्किल हालात में ला खड़ा किया है। इन खुलासों के चलते विपक्ष के हमले तेज हो गए हैं और सियासी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है।

स्टार्मर पर बढ़ा दबाव

जेफरी एपस्टीन से जुड़ी अमेरिकी न्याय विभाग की हाल ही में जारी फाइलों के बाद पीटर मेंडेलसन और एपस्टीन के बीच करीबी संबंधों का खुलासा हुआ है, जिससे प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर राजनीतिक दबाव और बढ़ गया है। हालांकि, इस पूरे मामले में यह भी साफ किया गया है कि स्टार्मर की कभी एपस्टीन से मुलाकात नहीं हुई और उनके खिलाफ किसी भी तरह के यौन दुराचार के आरोप नहीं हैं।

मेंडेलसन की अमेरिका में राजदूत के तौर पर नियुक्ति

यह मामला 2024 में प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के उस फैसले से जुड़ा है, जब उन्होंने पीटर मेंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया था। उस समय मेंडेलसन के जेफरी एपस्टीन से पुराने संबंध पहले ही सार्वजनिक हो चुके थे। बाद में, पिछले साल सितंबर में ईमेल्स से जुड़ी जानकारियां सामने आने के बाद स्टार्मर ने मेंडेलसन को पद से हटा दिया था।

अब सामने आए नए दस्तावेजों में दावा किया गया है कि 2008 से 2010 के बीच मेंडेलसन ने एपस्टीन के साथ कुछ संवेदनशील सरकारी जानकारियां साझा की थीं। इनमें बाजार से जुड़ा डेटा, ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था की स्थिति और बैंकिंग नीतियों से संबंधित सूचनाएं शामिल बताई जा रही हैं। इन खुलासों ने एक बार फिर इस पूरे मामले को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

पीएम स्टार्मर ने एपस्टीन के पीड़ितों से मांगी माफी

इस पूरे विवाद के बीच प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने जेफरी एपस्टीन के पीड़ितों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने स्वीकार किया कि मेंडेलसन के बयानों पर भरोसा करना उनकी भूल थी और अब इसका उन्हें गहरा अफसोस है। स्टार्मर ने यह भी कहा कि मेंडेलसन की नियुक्ति से जुड़े सभी दस्तावेज जल्द सार्वजनिक किए जाएंगे, जिनसे यह स्पष्ट होगा कि वेटिंग प्रक्रिया के दौरान मेंडेलसन ने अपने पुराने संबंधों को लेकर सरकार को गुमराह किया था।

इस राजनीतिक संकट का असर सरकार के भीतर भी दिखा है। हालात के दबाव में प्रधानमंत्री के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। गौरतलब है कि मेंडेलसन को अमेरिका में राजदूत नियुक्त करने की सिफारिश मैकस्वीनी ने ही की थी।

बिना चुनाव के भी ब्रिटेन में बदल सकता है पीएम

ब्रिटेन के संसदीय सिस्टम में प्रधानमंत्री का बदलना जरूरी नहीं कि आम चुनाव से ही जुड़ा हो। पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन के जरिए भी नया पीएम चुना जा सकता है। ऐसा हाल ही में 2019 से 2024 के बीच देखने को मिला, जब कंजर्वेटिव पार्टी ने बिना आम चुनाव के तीन बार प्रधानमंत्री बदले थे।

मौजूदा हालात को देखते हुए लेबर पार्टी के कुछ सांसदों ने चेतावनी दी है कि अगर नेतृत्व में जल्दबाजी में बदलाव किया गया तो इससे राजनीतिक अस्थिरता और अराजकता बढ़ सकती है। उनका कहना है कि टोरीज सरकार के दौरान बार-बार हुए नेतृत्व बदलाव का अनुभव सबके सामने है, जिससे शासन और भरोसे दोनों को नुकसान पहुंचा था।

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