नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ताज़ा रिपोर्ट में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम कई आतंकी घटनाओं के संदर्भ में सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम धमाके में भी इस संगठन की संलिप्तता के संकेत मिले हैं।
यूएन की 37वीं मॉनिटरिंग रिपोर्ट, जिसे सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति के तहत तैयार किया गया है, में कहा गया है कि इस हमले के तार पाकिस्तान-आधारित जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ते हैं। यूएन की एनालिटिकल सपोर्ट एंड सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम ने अपनी जांच में रेड फोर्ट के पास हुए धमाके और आतंकी संगठन जैश के बीच संबंध की ओर इशारा किया है।
यूएन की रिपोर्ट ने एक बार फिर सीमा पार आतंकवाद को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, एक सदस्य देश ने जानकारी दी कि जैश-ए-मोहम्मद ने संबंधित हमलों की जिम्मेदारी ली थी।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि मसूद अजहर ने 8 अक्टूबर को संगठन के भीतर महिलाओं के लिए एक अलग विंग बनाने की घोषणा की, जिसे जमात-उल-मुमिनात नाम दिया गया। हालांकि यह नई विंग अभी संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में शामिल नहीं है, लेकिन उस पर आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने के आरोप लगाए जाते रहे हैं।
जैश-ए-मोहम्मद की सक्रियता पर मतभेद, UN रिपोर्ट में कई खुलासे
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में जैश-ए-मोहम्मद की मौजूदा स्थिति को लेकर सदस्य देशों के बीच मतभेद सामने आए हैं। एक सदस्य देश का कहना है कि यह संगठन अब भी सक्रिय है, जबकि दूसरे देश ने इसे “निष्क्रिय” बताया है। पाकिस्तान पहले भी दावा कर चुका है कि जैश और लश्कर-ए-तैयबा पर प्रतिबंध के बाद ये संगठन सक्रिय नहीं हैं।
रिपोर्ट में अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी। इस हमले की जिम्मेदारी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली थी, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी संगठन माना जाता है। 28 जुलाई 2025 को इस मामले में तीन संदिग्धों के मारे जाने की जानकारी भी दी गई है।
इसके अलावा, मई 2025 में भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई का भी जिक्र रिपोर्ट में है। वहीं, 10 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में लाल किले के पास हुए हमले का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि उस घटना में 15 लोगों की मौत का दावा किया गया था।