सर्राफा बाजार में आज जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। गुरुवार को वायदा बाजार (MCX) खुलते ही कीमती धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। बाजार के ताजा हालात इस प्रकार हैं:
भारतीय सर्राफा बाजार के महानगरों में आज सोने की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। ‘goodreturns’ के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹15,457 प्रति ग्राम पर बना हुआ है, जबकि 22 कैरेट के लिए ₹14,170 और 18 कैरेट के लिए ₹11,597 प्रति ग्राम का भाव चल रहा है। आर्थिक राजधानी मुंबई के साथ-साथ कोलकाता और बेंगलुरु में भी कीमतें समान स्तर पर हैं; यहाँ 24 कैरेट सोना ₹15,442, 22 कैरेट ₹14,155 और 18 कैरेट ₹11,582 प्रति ग्राम की दर से बिक रहा है। वहीं, चेन्नई में अन्य महानगरों की तुलना में भाव थोड़े ऊंचे हैं, जहाँ 24 कैरेट सोने की कीमत ₹15,622, 22 कैरेट की ₹14,320 और 18 कैरेट सोने का भाव ₹12,250 प्रति ग्राम दर्ज किया गया है।
चांदी में ऐतिहासिक गिरावट
चांदी के बाजार में आज बड़ा ‘क्रैश’ देखने को मिला है। सुबह 10:27 बजे तक, मार्च डिलीवरी वाली चांदी पिछले सत्र के मुकाबले 9.03% तक टूट गई। कीमतों में करीब ₹36,000 की भारी कटौती देखी गई, जिसके बाद चांदी फिसलकर ₹2,44,562 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई।
सोना भी हुआ सस्ता
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी नरमी का रुख बना हुआ है। अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के भाव में 1.27% की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के बाद सोना ₹1,51,106 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों पर भारी दबाव देखने को मिल रहा है। गुरुवार को वैश्विक स्तर पर सोने के भाव में 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और यह लुढ़ककर लगभग $4,880 प्रति औंस के स्तर पर आ गया। इस गिरावट ने पिछले दो दिनों में हुई रिकवरी से मिली बढ़त को काफी हद तक कम कर दिया है।
कीमतों में इस कमी के पीछे फेडरल रिजर्व (Fed) के रुख और अमेरिकी राजनीतिक नियुक्तियों को प्रमुख कारण माना जा रहा है:
ब्याज दरों पर सतर्कता: फेड गवर्नर लिसा कुक ने अतिरिक्त रेट कट का समर्थन न करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कमजोर होते लेबर मार्केट के मुकाबले बढ़ती महंगाई को बड़ी चुनौती बताया, जिससे बाजार में बिकवाली का माहौल बन गया।
हॉकिश रुख का असर: राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा केविन वॉर्श को अगले फेड चेयरमैन के रूप में नामांकित किए जाने से निवेशकों में चिंता बढ़ी है। वॉर्श को अन्य उम्मीदवारों की तुलना में अधिक ‘हॉकिश’ (कठोर रुख वाला) माना जाता है, जिससे भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की गति धीमी रहने का अनुमान है।
बाजार की उथल-पुथल: गौरतलब है कि इस हफ्ते की शुरुआत में सोने में 6% से ज्यादा की रिकॉर्ड तेजी देखी गई थी, जो 2008 के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी बढ़त थी। हालांकि, फेड के रुख और डॉलर की मजबूती ने उस तेजी पर ब्रेक लगा दिया है।