भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को तेज गिरावट का माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ खुले बाजार ने जल्द ही अपनी रफ्तार खो दी और सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूट गया। फिलहाल यह करीब 77,100–77,200 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आ रहा है। वहीं निफ्टी भी 300 से अधिक अंक गिरकर 23,900 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।
बाजार पर कई वजहों से दबाव बना हुआ है। एक ओर ऊर्जा संकट को लेकर चिंता बनी हुई है, वहीं Essential Commodities Act लागू होने की खबरों से भी निवेशकों में सतर्कता बढ़ी है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार की गिरावट को और तेज कर दिया है।
दिन के कारोबार में कुछ चुनिंदा शेयरों में मजबूती जरूर देखी गई। Wipro, Tata Steel, Power Grid, Hindalco और Tech Mahindra के शेयर हरे निशान में रहे। दूसरी तरफ Kotak Mahindra Bank, ICICI Bank, HDFC Bank, Axis Bank और Bajaj Finserv जैसे बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना रहा। इसके अलावा Mahindra & Mahindra और TVS Motor जैसे ऑटो शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली। टॉप लूजर्स में Reliance Industries और Bharti Airtel के शेयर भी शामिल रहे।
एशियाई बाजारों में तेजी
बुधवार को एशियाई शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा और अधिकांश बाजार हरे निशान में रहे। जापान का निक्केई 225 करीब 1.36% चढ़ा, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में लगभग 1.22% की बढ़त दर्ज की गई। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 2.52% उछला और स्मॉल-कैप इंडेक्स कोस्डैक भी लगभग 1.39% ऊपर रहा। दूसरी ओर हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स के फ्यूचर्स करीब 25,936 के स्तर पर कारोबार करते दिखे, जबकि पिछला क्लोज 25,959.9 पर हुआ था।
वॉल स्ट्रीट का हाल
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट में मिलाजुला रुख देखने को मिला और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। इस दौरान निवेशकों की नजर तेल की कीमतों में गिरावट और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव पर बनी रही। S&P 500 लगभग 0.21% गिरकर 6,781.48 पर बंद हुआ। वहीं डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 34.29 अंक या 0.07% फिसलकर 47,706.51 पर आ गया। हालांकि नैस्डैक कंपोजिट मामूली 0.01% की बढ़त के साथ 22,697.10 पर बंद हुआ।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
बुधवार सुबह कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली, हालांकि यह अपने निचले स्तर से कुछ ऊपर कारोबार कर रही थीं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान में जारी तनाव खत्म होने के संकेत मिलने के बाद बाजार में दबाव कम होता दिखा। इस बीच WTI क्रूड करीब 0.03% की गिरावट के साथ लगभग 83.43 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड करता नजर आया। वहीं ब्रेंट क्रूड अपने पिछले सत्र के उच्च स्तर 119.50 डॉलर प्रति बैरल से फिसलकर अब करीब 87–90 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में आ गया है।
IEA का बड़ा कदम
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने ईरान से जुड़े युद्ध के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी को काबू में करने के लिए अपने आपातकालीन तेल भंडार (Emergency Oil Reserve) को जारी करने का प्रस्ताव रखा है। इस योजना के तहत बाजार में 182 मिलियन बैरल से अधिक तेल जारी किया जा सकता है, जिससे सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।