नई दिल्ली: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब 12वें दिन में पहुंच गया है। इस युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में हालात काफी तनावपूर्ण और अस्थिर बने हुए हैं। इसी वजह से बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक अभी भी वहां के अलग-अलग देशों में फंसे हुए हैं।
इसी बीच भारत की प्रमुख एयरलाइन एयर इंडिया और उसकी लो-कॉस्ट सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपनी उड़ानों को लेकर अहम जानकारी साझा की है। दोनों एयरलाइंस 11 मार्च को पश्चिम एशिया के लिए निर्धारित और चार्टर मिलाकर कुल 58 उड़ानों का संचालन करने जा रही हैं।
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब पूरे पश्चिम एशिया के हवाई क्षेत्र पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण हवाई मार्गों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जबकि कुछ मार्गों पर कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं। सुरक्षा कारणों से कई एयरलाइंस को अपने रूट बदलने पड़ रहे हैं, जिससे उड़ानों के संचालन पर भी असर पड़ा है।
हालांकि इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद एयर इंडिया समूह ने अपनी सेवाओं को पूरी तरह बंद करने के बजाय सावधानी के साथ जारी रखने का फैसला किया है। एयरलाइन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उड़ानों का संचालन योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है। साथ ही स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत फैसले लिए जा सकें।
एयर इंडिया और उसकी कम लागत वाली सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जानकारी दी है कि बुधवार, 11 मार्च को दोनों एयरलाइंस मिलकर पश्चिम एशिया और भारत के बीच कुल 58 निर्धारित और गैर-निर्धारित उड़ानों का संचालन करेंगी। इन उड़ानों के जरिए बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी, जिनमें कामकाज, व्यापार या अन्य कारणों से पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीय भी शामिल हैं।
एयर इंडिया ने मंगलवार को जारी अपने आधिकारिक बयान में कहा कि जेद्दा और मस्कट जैसे प्रमुख गंतव्यों के लिए उसकी निर्धारित उड़ान सेवाएं 11 मार्च को भी जारी रहेंगी। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात को देखते हुए सभी उड़ानों का संचालन अतिरिक्त सावधानी और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है।
इससे पहले नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 9 मार्च को पश्चिम एशिया से भारत के लिए भारतीय एयरलाइंस कंपनियों ने कुल 45 उड़ानें संचालित की थीं। इन उड़ानों के माध्यम से 7,047 यात्री भारत पहुंचे थे। यह संख्या दर्शाती है कि तनावपूर्ण हालात के बावजूद दोनों क्षेत्रों के बीच हवाई संपर्क पूरी तरह बाधित नहीं हुआ है।
इसके अलावा एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस संयुक्त अरब अमीरात से आने-जाने वाली कई अनियमित या अतिरिक्त उड़ानें भी संचालित करती हैं। जानकारी के अनुसार, दोनों एयरलाइंस यूएई के लिए करीब 36 ऐसी उड़ानों का संचालन करती हैं, जो स्लॉट की उपलब्धता और परिचालन परिस्थितियों पर निर्भर करती हैं। इन उड़ानों का उद्देश्य यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करना और आवश्यक कनेक्टिविटी बनाए रखना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो हवाई यातायात पर इसका और अधिक असर पड़ सकता है। ऐसे में एयरलाइंस और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित की जा सके।