तेहरानः इज़रायल और अमेरिका के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त संदेश दिया है। उन्होंने बिना नाम लिए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान अपनी जमीन का एक इंच भी किसी को नहीं लेने देगा।
प्रेस टीवी को दिए एक इंटरव्यू में रविवार को पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हर स्तर पर तैयार है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की संप्रभुता और सीमाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, चाहे हालात कितने भी कठिन क्यों न हों।
राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और इज़रायल की ओर से ईरान पर लगातार हवाई हमले किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं। इन हमलों में तेहरान की सैन्य क्षमताओं और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा ईरान
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान की नीति आक्रामक नहीं, बल्कि पूरी तरह रक्षात्मक है। उन्होंने पड़ोसी देशों को भरोसा दिलाया कि ईरान क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी देश की जमीन का इस्तेमाल अमेरिका या इज़रायल के हमलों के लिए किया जाता है, तो ईरान जवाबी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
हाल के घटनाक्रमों के संदर्भ में उनका यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। इससे पहले ईरान की ओर से खाड़ी क्षेत्र के कुछ देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई थीं। हालांकि उस समय पेजेश्कियन ने इन हमलों को लेकर खेद भी जताया था और स्थिति को शांत रखने का भरोसा दिया था।
उन्होंने यह भी कहा था कि जब तक पड़ोसी देशों की ओर से किसी तरह का हमला नहीं किया जाता, तब तक ईरान उनकी जमीन को निशाना नहीं बनाएगा।
ईरान के आत्मसमर्पण का सपना कभी पूरा नहीं होगा
प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने ईरानी जनता की एकजुटता की सराहना करते हुए कहा कि दुश्मन ईरान को झुकाने का सपना कभी पूरा नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग ईरान के आत्मसमर्पण की उम्मीद कर रहे हैं, वे इस ख्वाहिश को अपनी कब्र तक ही ले जाएंगे।
पेजेश्कियन ने अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों का हवाला देते हुए हमलों को लेकर आक्रामक देशों की आलोचना भी की। उनका कहना था कि ईरान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रपति का यह बयान उस नीति को दोहराता है, जिसके तहत ईरान अपनी सीमाओं और राष्ट्रीय हितों की मजबूती से रक्षा करने की बात करता रहा है। उनसे पहले ईरान के सेना प्रमुख समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भी इसी तरह का सख्त रुख जाहिर किया था।