कई दिनों से जारी गिरावट के बाद गुरुवार को शेयर बाजार में मजबूत रिकवरी देखने को मिली। निवेशकों की सक्रिय खरीदारी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार का माहौल बदल दिया, जिससे सूचकांकों में फिर से तेजी लौट आई। वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स और निफ्टी ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया। इस दौरान आईटी सेक्टर को छोड़कर ज्यादातर सेक्टरों में खरीदारी का रुझान दिखाई दिया, जिसने बाजार की तेजी को और मजबूती दी।
कारोबार के अंत में बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 899.71 अंक यानी 1.14 फीसदी उछलकर 80,015.90 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 285.40 अंक यानी 1.17 फीसदी की तेजी के साथ 24,765.90 पर बंद हुआ।
मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी का अच्छा रुझान देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स लगभग 0.5 फीसदी तक मजबूत हुए।
बाजार की चौड़ाई भी सकारात्मक रही। पूरे सत्र के दौरान लगभग 2,302 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 1,325 शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
इन शेयरों ने दी बाजार को रफ्तार
आज की तेजी में कई बड़े दिग्गज शेयरों का अहम योगदान रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एचडीएफसी बैंक जैसे हैवीवेट स्टॉक्स में करीब 3 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई, जिसने बाजार को मजबूत सहारा दिया। हालांकि एफएमसीजी सेक्टर के कुछ शेयरों में हल्की गिरावट भी देखने को मिली। टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और नेस्ले इंडिया करीब 1 फीसदी तक कमजोर होकर बंद हुए।
इन सेक्टरों में दिखी सबसे ज्यादा खरीदारी
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो मेटल, पीएसयू, एनर्जी, ऑटो और ऑयल-गैस सेक्टर के शेयरों में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। इसके अलावा फार्मा और रियल्टी सेक्टर भी बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं आईटी और एफएमसीजी इंडेक्स में मामूली दबाव देखने को मिला।
इसी बीच रुपये में भी मजबूती दर्ज की गई। डॉलर के मुकाबले रुपया 55 पैसे चढ़कर 91.60 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार में तेजी की ये रहीं बड़ी वजहें
गुरुवार को शेयर बाजार में आई मजबूती के पीछे कई अहम कारण रहे। सबसे बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर तनाव में आई थोड़ी नरमी रही। खबरों के अनुसार, ईरान की ओर से संकेत मिले हैं कि अगर अमेरिका बेहतर प्रस्ताव देता है तो वह अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने पर विचार कर सकता है। इस खबर से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता कुछ कम हुई और निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
इसके अलावा हाल के दिनों में बाजार में आई गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी का मौका देखा। खासकर रियल्टी, मेटल, ऑयल-गैस और ऑटो सेक्टर के शेयरों में वैल्यू बायिंग देखने को मिली, जिसने बाजार की तेजी को और मजबूती दी।