हाइपरटेंशन को नजरअंदाज करना खतरनाक, ब्रेन हैमरेज का बढ़ सकता है खतरा

hypertension can be dangerous if ignored risk of brain hemorrhage may increase

Sneh Sharma
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बर्नआउट सिंड्रोम आज के समय में दुनिया भर के लिए एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। भारत में भी करीब 60 प्रतिशत नौकरीपेशा लोग किसी न किसी रूप में इससे प्रभावित बताए जाते हैं। बेहतर पद, ऊंची सैलरी और आरामदायक जीवन की चाह में कई लोग अपनी सेहत और निजी जिंदगी को पीछे छोड़ देते हैं।

विभिन्न शोधों के अनुसार, लंबे समय तक बर्नआउट की स्थिति बने रहने से शरीर में कॉर्टिसोल और मेलाटोनिन जैसे हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है। इसके कारण तनाव से निपटने की क्षमता कम होने लगती है, ऊर्जा घटती है, नींद प्रभावित होती है और इम्यून सिस्टम भी कमजोर पड़ सकता है। इतना ही नहीं, इसका असर दिल और पाचन तंत्र पर भी पड़ने की आशंका रहती है।

ब्लड प्रेशर पर भी पड़ सकता है असर

बर्नआउट सिंड्रोम केवल मानसिक थकान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर शरीर पर भी दिखने लगता है। इससे चिड़चिड़ापन, गुस्सा, लगातार थकान, शुगर और मांसपेशियों में दर्द जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। साथ ही ब्लड प्रेशर भी असंतुलित होने लगता है। इसलिए जरूरी है कि समय रहते बर्नआउट से बचाव के उपाय अपनाए जाएं।

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने इससे बचने के लिए 3S फॉर्मूला बताया है—स्टैंडिंग, सिटिंग और स्ट्रेचिंग। इसके तहत ऑफिस में काम के समय को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने की सलाह दी जाती है। उदाहरण के तौर पर हर 30 मिनट के दौरान लगभग 20 मिनट बैठकर काम करें, 8 मिनट खड़े होकर काम करें और करीब 2 मिनट शरीर को स्ट्रेच करें। इससे शरीर और दिमाग दोनों को राहत मिल सकती है।

योग, ध्यान और प्राणायाम से मिल सकती है मदद

ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए योग, ध्यान और प्राणायाम काफी सहायक माने जाते हैं। यदि हाइपरटेंशन को समय पर नियंत्रित नहीं किया जाए तो ब्रेन हैमरेज का खतरा बढ़ सकता है। हाई ब्लड प्रेशर की वजह से नसों पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे दिमाग की नस फटने और ब्रेन हैमरेज जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा लगातार बढ़ा हुआ बीपी ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक, किडनी फेलियर और डिमेंशिया जैसी बीमारियों का जोखिम भी बढ़ा सकता है।

हाई बीपी के लक्षण और बचाव

हाई ब्लड प्रेशर के कई संकेत शरीर में दिखाई दे सकते हैं। इनमें बार-बार सिरदर्द होना, मानसिक तनाव महसूस होना, सांस लेने में दिक्कत, नसों में झनझनाहट, चक्कर आना और दिल की धड़कन तेज होना जैसे लक्षण शामिल हैं। हाइपरटेंशन से बचने के लिए जीवनशैली में सुधार करना बेहद जरूरी है। इसके लिए संतुलित और हेल्दी डाइट लें, वजन को नियंत्रण में रखें, नमक का सेवन कम करें, नियमित योग और मेडिटेशन करें और शराब से दूरी बनाएं।

ब्लड प्रेशर को कैसे रखें नियंत्रण में

बीपी को संतुलित रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, तनाव कम रखना और समय पर भोजन करना जरूरी है। जंक फूड से दूरी बनाकर रखें, रोजाना 6 से 8 घंटे की नींद लें और लंबे समय तक फास्टिंग करने से बचें। डाइट में खजूर, दालचीनी, किशमिश, गाजर, अदरक और टमाटर जैसे खाद्य पदार्थ शामिल करना भी फायदेमंद माना जाता है। वहीं, जब ब्लड प्रेशर ज्यादा बढ़ा हुआ हो तो शीर्षासन, सर्वांगासन और दंड-बैठक जैसे कठिन व्यायाम करने से बचना चाहिए।

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