ICC T20 World Cup में इंग्लैंड ने एक नया अध्याय जोड़ दिया है। लगातार पांचवीं बार सेमीफाइनल में जगह बनाकर टीम ने ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जो इससे पहले किसी भी देश के नाम दर्ज नहीं था। सुपर-8 चरण में पाकिस्तान पर शानदार जीत के साथ इंग्लैंड इस टूर्नामेंट की पहली टीम बनी, जिसने अंतिम चार में प्रवेश किया।
Pallekele International Cricket Stadium में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने 165 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दमदार प्रदर्शन किया। कप्तान Harry Brook ने शानदार शतक जड़कर मैच का रुख पलट दिया। उनके संयम और आक्रामकता से सजे इस सैकड़े की बदौलत टीम ने दबाव भरे मुकाबले को अपने पक्ष में कर लिया और सेमीफाइनल का टिकट पक्का किया।
इंग्लैंड का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
इस जीत के साथ England cricket team ने ICC Men’s T20 World Cup के इतिहास में एक नया मुकाम हासिल कर लिया। टीम लगातार पांचवीं बार सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली देश बन गई है। इससे पहले कोई भी टीम चार से ज्यादा बार लगातार अंतिम चार में जगह नहीं बना सकी थी।
इससे पहले Pakistan national cricket team (2007, 2009, 2010, 2012) और Sri Lanka national cricket team (2009, 2010, 2012, 2014) ने चार-चार बार लगातार सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन इंग्लैंड ने अब उनसे एक कदम आगे निकलकर नया मानदंड स्थापित कर दिया है।
इंग्लैंड की यह प्रभावशाली यात्रा 2016 से शुरू हुई थी, जब टीम फाइनल तक पहुंची लेकिन West Indies cricket team के हाथों हार गई। इसके बाद 2021, 2022, 2024 और अब 2026 में भी टीम ने सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई। 2022 में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को हराकर खिताब अपने नाम किया, जबकि 2021 में New Zealand national cricket team और 2024 में India national cricket team से उसे अंतिम चार में हार का सामना करना पड़ा था।
हैरी ब्रूक की कप्तानी में ऐतिहासिक पारी
पाकिस्तान के खिलाफ सुपर-8 के अहम मुकाबले में Harry Brook ने शानदार नेतृत्व का परिचय देते हुए यादगार शतक जड़ा। वह ICC Men’s T20 World Cup के इतिहास में तीन अंकों तक पहुंचने वाले पहले कप्तान बन गए हैं।
इस टूर्नामेंट में इससे पहले 13 शतक लग चुके थे, लेकिन किसी भी कप्तान ने सेंचुरी नहीं बनाई थी। इससे पहले बतौर कप्तान सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर Chris Gayle के नाम था, जिन्होंने 2010 में 98 रनों की पारी खेली थी।
ब्रूक की इस बेहतरीन पारी ने न सिर्फ मैच का रुख बदला, बल्कि इंग्लैंड को टूर्नामेंट का मजबूत दावेदार भी बना दिया। टीम की निरंतरता और आत्मविश्वास को देखते हुए अब उसकी नजरें फाइनल और खिताब पर टिकी हैं।