सिगरेट कंपनियों के शेयरों में जोरदार उछाल, कीमतें बढ़ते ही 16% तक चढ़े स्टॉक्स

cigarette company stocks surge up to 16 percent after price hike

Sneh Sharma

सिगरेट के दाम बढ़ने से भले ही उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ा हो, लेकिन शेयर बाजार में निवेशकों के लिए यह खबर फायदे का सौदा साबित हुई। बुधवार को तंबाकू कंपनियों के शेयरों में तेज खरीदारी देखी गई। एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी के बाद कंपनियों ने उत्पादों की कीमतें बढ़ाईं और इसका सकारात्मक असर सीधे बाजार पर दिखाई दिया।

इस तेजी के बीच सबसे ज्यादा उछाल Godfrey Phillips India के शेयर में दर्ज हुआ। कंपनी का स्टॉक इंट्राडे कारोबार में 15.88% चढ़कर ₹2,460.45 तक पहुंच गया। दोपहर करीब 2:30 बजे भी शेयर मजबूत बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। पिछले एक महीने में यह स्टॉक 9% से अधिक की तेजी दिखा चुका है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने Marlboro Compact की कीमत ₹9.5 प्रति स्टिक से बढ़ाकर ₹11.5 प्रति स्टिक कर दी है। माना जा रहा है कि कीमतों में इस बढ़ोतरी से प्रति स्टिक कमाई (EBIT) में सुधार होगा, जिससे कंपनी की आय पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

ITC Limited और VST Industries में भी तेजी

तंबाकू सेक्टर की दिग्गज कंपनी ITC Limited के शेयरों में लगातार तीसरे कारोबारी दिन बढ़त देखने को मिली। स्टॉक करीब 2% चढ़कर ₹331 के आसपास पहुंच गया।

वहीं VST Industries के शेयर में भी लगभग 3% तक की तेजी दर्ज की गई, जिससे सेक्टर में सकारात्मक रुख साफ नजर आया।

ब्रोकरेज फर्म UBS ने ITC पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि टारगेट प्राइस को ₹420 से घटाकर ₹395 कर दिया गया है। इसके बावजूद मौजूदा भाव से करीब 21% तक की संभावित तेजी का अनुमान जताया गया है।

कीमतों में कैलिब्रेटेड बढ़ोतरी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनियों ने कीमतों में सोच-समझकर बढ़ोतरी की है। प्रीमियम सिगरेट सेगमेंट में बढ़ी हुई लागत का लगभग पूरा बोझ ग्राहकों पर डाल दिया गया है, जबकि 64mm और 69mm जैसे प्राइस-सेंसिटिव सेगमेंट में सीमित इजाफा किया गया है, ताकि मांग पर ज्यादा असर न पड़े।

उदाहरण के तौर पर, 84mm KSFT सिगरेट की कीमत ₹17 प्रति स्टिक से बढ़ाकर ₹24 प्रति स्टिक किए जाने की चर्चा है। माना जा रहा है कि यह रणनीति बिक्री वॉल्यूम को संतुलित रखते हुए कंपनियों के मार्जिन और EBIT ग्रोथ को मजबूती दे सकती है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?
एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के बाद भी कंपनियों ने जिस तरह मार्जिन को सुरक्षित रखने की रणनीति अपनाई है, उसे निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

विश्लेषकों का कहना है कि अगर बिक्री वॉल्यूम में बड़ी गिरावट नहीं आती और मांग स्थिर बनी रहती है, तो तंबाकू सेक्टर आगे भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। कीमतों में संतुलित बढ़ोतरी और मजबूत ब्रांड पोजिशनिंग कंपनियों की कमाई को सहारा दे सकती है, जिससे शेयरों में मजबूती बनी रहने की संभावना है।

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