टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच कनाडा के पूर्व कप्तान का संन्यास ऐलान

former Canada captain announces retirement during t20 world-cup 2026

Sneh Sharma
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Navneet Dhaliwal ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला कर लिया है। ICC T20 World Cup 2026 में कनाडा का सफर समाप्त होते ही पूर्व कप्तान ने अपने संन्यास की घोषणा कर दी।

37 वर्षीय बल्लेबाज 19 फरवरी को चेन्नई में Afghanistan national cricket team के खिलाफ अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलेंगे। सुपर-8 में पहुंचने की कनाडा की उम्मीदें New Zealand national cricket team से मिली हार के बाद खत्म हो गई थीं। उस मैच में धालीवाल सिर्फ 10 रन ही बना सके थे।

हार के तुरंत बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका आखिरी वर्ल्ड कप है और अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाला मुकाबला उनके करियर का अंतिम इंटरनेशनल मैच होगा। धालीवाल ने बताया कि यह निर्णय उन्होंने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही ले लिया था। गौरतलब है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कनाडा को अब तक जीत नसीब नहीं हुई है और अपने तीनों मुकाबलों में टीम को हार का सामना करना पड़ा है।

रिकॉर्ड और यादगार पल
Navneet Dhaliwal का जन्म 1988 में चंडीगढ़ में हुआ था। बाद में वह कनाडा शिफ्ट हो गए, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेलने का अपना सपना पूरा किया। साल 2015 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले धालीवाल कनाडा के लिए टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।

48 T20I मैचों की 46 पारियों में उन्होंने 32.62 की औसत और 129.20 के स्ट्राइक रेट से 1305 रन बनाए, जिसमें 10 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने 29 T20I और 4 वनडे मैचों में टीम की कप्तानी की। उनकी कप्तानी में कनाडा ने 21 टी20 मुकाबलों में जीत दर्ज की। ICC T20 World Cup 2024 के लिए टीम को क्वालीफाई कराना और वर्ल्ड कप के पहले मैच में 44 गेंदों पर 61 रन की शानदार पारी खेलना उनके करियर के सबसे यादगार लम्हों में गिना जाता है।

अब कोचिंग में आजमाएंगे हाथ

ESPNcricinfo की रिपोर्ट के अनुसार, Navneet Dhaliwal अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब कोचिंग के क्षेत्र में कदम रखने की तैयारी में हैं। वह जमीनी स्तर पर काम करते हुए युवा खिलाड़ियों को तैयार करना चाहते हैं।

धालीवाल का मानना है कि अब समय है अपने अनुभव को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का। उनका संन्यास कनाडा क्रिकेट के लिए एक युग का अंत जरूर है, लेकिन साथ ही यह उभरते खिलाड़ियों के लिए बड़ी प्रेरणा भी है। अब कनाडा की युवा टीम पर उनके सपनों और विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

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