टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम को लगातार चोटों का झटका लग रहा है। पहले पैट कमिंस टीम से बाहर हुए और अब जोश हेजलवुड भी अनफिट होने के कारण स्क्वाड से बाहर हो गए हैं। हेजलवुड को पहले टीम में शामिल किया गया था, लेकिन फिटनेस समस्या के चलते वह टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
ऐसे में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनके स्थान पर अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ को टीम में शामिल करने का फैसला किया है। आईसीसी की टेक्निकल कमेटी से मंजूरी मिलने के बाद इस बदलाव की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है।
श्रीलंका के खिलाफ मैच में दिख सकते हैं स्टीव स्मिथ
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच ऑस्ट्रेलिया ने पहले ही अनुभवी बल्लेबाज Steve Smith को बैकअप के तौर पर टीम से जोड़ने का फैसला कर लिया था। वह टीम के साथ श्रीलंका पहुंच चुके हैं और 15 फरवरी को उन्होंने खिलाड़ियों के साथ अभ्यास सत्र में हिस्सा भी लिया।
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान Mitchell Marsh शुरुआती दो मुकाबलों में चोट के कारण उपलब्ध नहीं थे, ऐसे में स्मिथ को उनके कवर के रूप में बुलाया गया। अब आधिकारिक तौर पर स्क्वाड में शामिल होने के बाद जरूरत पड़ने पर वह 16 फरवरी को श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में मैदान पर उतर सकते हैं।
स्मिथ ने आखिरी बार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच फरवरी 2024 में खेला था। हालांकि हाल ही में संपन्न Big Bash League 2025-26 सीजन में वह शानदार लय में नजर आए। Sydney Sixers की ओर से खेलते हुए उन्होंने 59.80 के औसत से 299 रन बनाए। 20 इंटरनेशनल करियर की बात करें तो स्मिथ ने 67 मैचों में 24.86 की औसत से 1094 रन बनाए हैं, जबकि उनका स्ट्राइक रेट 125.45 रहा है।
ग्रुप स्टेज से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया ग्रुप-बी में खेल रही है और अब तक दो मुकाबलों में उसे मिश्रित परिणाम मिले हैं। एक मैच में जीत मिली, जबकि दूसरे में हार झेलनी पड़ी। इसी वजह से टीम की स्थिति अंक तालिका में मजबूत नहीं है और उस पर ग्रुप चरण से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।
ऑस्ट्रेलिया को अपने पिछले मैच में जिम्बाब्वे के खिलाफ 23 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस हार का असर उसके नेट रनरेट पर भी पड़ा है, जो फिलहाल 1.100 पर आ गया है। टूर्नामेंट के इस चरण में नेट रनरेट काफी अहम भूमिका निभाता है, इसलिए यह चिंता का विषय बना हुआ है।
अब कंगारू टीम के सामने स्थिति साफ है—बाकी बचे दो मैचों में उसे जीत हासिल करनी होगी। अगर इनमें से किसी एक मुकाबले में भी हार मिलती है, तो सुपर-8 में पहुंचने की उसकी राह लगभग बंद हो सकती है।