पीएम मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ ऐसे बयान क्यों दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इसकी वजह यह सोच है कि प्रधानमंत्री की कुर्सी किसी एक परिवार की निजी संपत्ति है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उनकी “कब्र खोदने” की बात इसलिए की जाती है क्योंकि उन्होंने धारा 370 को हटाया, ऑपरेशन सिंदूर जैसे फैसले लिए और मजबूत कदम उठाए।
अपने स्वास्थ्य को लेकर पूछे गए एक सवाल का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब उनसे उनकी फिटनेस का राज पूछा गया था, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया था कि वह रोजाना करीब दो किलो गालियां खाकर भी काम करते रहते हैं।
कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देशवासियों का अपमान करना कांग्रेस की आदत बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में कांग्रेस ने राष्ट्रपति का भी अपमान किया। चुनाव के बाद जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह सोचने पर मजबूर करता है कि ऐसी मानसिकता के लोग राजनीति में कैसे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कल लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा तक नहीं हो पाई, जो एक गंभीर अपमान है। उन्होंने आगे कहा कि गरीबी से संघर्ष कर आगे बढ़ी, आदिवासी परिवार से आने वाली एक महिला के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह न सिर्फ महिला का अपमान है, बल्कि आदिवासी समाज और संविधान का भी अपमान है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने नॉर्थ-ईस्ट और दलित परिवार से आने वाले एक बेटे का भी अपमान किया है। कांग्रेस के नेताओं के बयानों में असम की जनता के प्रति नफरत साफ झलकती है। कल जो घटना हुई, उसमें इसी सदन के एक माननीय सांसद को कांग्रेस के युवराज ने “गद्दार” कहा, सिर्फ इसलिए क्योंकि वह सिख थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पूरे सिख समाज का अपमान है।
उन्होंने आगे कहा कि एक तरफ ऐसा दृश्य है, और दूसरी तरफ हमारे सदानंद मास्टर जी हैं, जिन्हें राजनीतिक द्वेष के कारण अपने दोनों पैर गंवाने पड़े। कटे हुए पैरों के साथ जीवन बिताने के बावजूद उनके संस्कार, धैर्य और देशभक्ति आज भी उतनी ही मजबूत हैं।